रोज़े में तंदुरुस्त रहने के तरीके
- रोज़ा आराम से खोलें। सुन्नत है खजूर और पानी से रोज़ा खोलना। मग़रिब की नमाज़ पढ़ें, फिर मुख्य खाना खाएँ।
- पानी बाँटकर पिएँ। एक साथ बहुत पानी पीने से भारीपन लगता है और उसका बड़ा हिस्सा जल्दी निकल जाता है। शाम भर छोटे गिलासों में पीना बेहतर है।
- नमक और तली चीज़ें कम खाएँ। नमकीन और बहुत मीठा खाना अगले दिन ज़्यादा प्यास लगाता है।
- सहरी न छोड़ें। इसे इमसाक से पहले जितनी देर हो सके करके खाएँ, जैसा कि नबी ﷺ ने फ़रमाया। ओट्स, अंडे, फलियाँ, रोटी, दही और फल देर तक ताक़त देते हैं।
- चाय और कॉफ़ी: सहरी में बहुत कैफ़ीन से दोपहर में प्यास और सिरदर्द हो सकता है। अपने लक्ष्य में चाय नहीं, पानी गिनें।
किन्हें पहले डॉक्टर से पूछना चाहिए
डायबिटीज़, गुर्दे की बीमारी या दिल की परेशानी वाले लोग, गर्भवती या दूध पिलाने वाली महिलाएँ और बुज़ुर्ग रमज़ान से पहले अपने डॉक्टर से बात करें। इस्लाम उन लोगों को छूट देता है जिनके लिए रोज़ा नुक़सान करे। हमारा छूटे हुए रोज़ों का कैलकुलेटर और फ़िदया कैलकुलेटरभी देखें।
ये वक़्त वही नमाज़ के वक़्त का तरीक़ा इस्तेमाल करते हैं जो हमारे रमज़ान टाइमटेबलमें है। इमसाक फ़ज्र से 10 मिनट पहले होता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रमज़ान में मुझे कितना पानी पीना चाहिए?
कई वयस्कों को इफ़्तार और सहरी के बीच करीब 2 लीटर चाहिए, गर्म मौसम या शारीरिक मेहनत में ज़्यादा। इसे पूरी रात छोटे गिलासों में बाँटकर पिएँ।
सहरी का सबसे अच्छा वक़्त कौन-सा है?
इमसाक से पहले जितनी देर हो सके। सहरी में देर करना सुन्नत है और इससे दिन में ताक़त देर तक रहती है।
क्या यह प्लान कैलोरी गिनता है?
नहीं। यह सिर्फ़ आपके खाने और पानी का वक़्त बताता है। डाइट प्लान के लिए डॉक्टर या डाइटीशियन से बात करें।
आख़िरी समीक्षा: अक्टूबर 2026।
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